काश, हम समझ पाते..!!!
किसी के खामोशी के शोर को किसी के हंसी के गम को किसी के क्रोध के कारण को काश,हम समझ पाते... आंखों को पढ़ने के हुनर को किसी के वक्त की कीमत को किसी से बात कर उसकी परेशानी को काश,हम समझ पाते... बिखरते रिश्तो को जोड़ने की कोशिश को किसी के कंधो पर रखी जिम्मेदारियों को किसी के टूटते हुए सपनों के दर्द को काश,हम समझ पाते... आंसुओं के पीछे की यादों को रंग के पीछे के मन को इश्क के पीछे की बेचेनी को काश,हम समझ पाते... काश,हम समझ पाते...!!!