Posts

Showing posts from June, 2020

बचपन और आज..!!!!

Image
              मन की करने वाला बचपन, और  मन को मारने वाला आज..       कुछ ना मिलने पर रोने वाला बचपन,       और सब कुछ मिलने पर भी दुखी वाला आज.. अच्छे नंबर आने पर घर वालों से गिफ्ट मांगने वाला बचपन, और 1-2 फैसले गलत होने पर उन्हीं से भागने वाला आज..       छोटी-छोटी बातों पर सवाल पूछने वाला बचपन,       और कठिन कठिन हालातों में भी चुप रहने वाल आज.. हर एक त्यौहार में लीन होने वाला बचपन, और त्यौहारो को छुट्टी की तरह बिताने वाला आज..        सबके बीच खुश रहने वाला बचपन,        और अकेलेपन में बितने वाला आज.. बड़े  बड़े  सपनों को सोचने वाला बचपन, और सच्चाई का सामना करने वाला आज..       दिनभर खेल रात को बेसुध सोने वाला बचपन,      और दिनभर की भागदौड़,रात को ख्यालों से लड़ने वाला आज स्पष्टता से भरा हुआ बचपन,  और दुविधा में डूबा हुआ आज..         खुल कर जीने वाला बचपन,      ...

खुद को ढूंढ रही हूं..!!

कभी खुले आसमान के नीचे, कभी बंद कमरे के भीतर, कभी बातों की महफिल में, कभी अकेलेपन के सन्नाटे में, खुद को ढूंढ रही हूं.. कभी बहती नदी के किनारे, कभी सूखे कुए के पास, कभी संगीत की मधुर धुन में, कभी किताबों की गहराइयों में, खुद को ढूंढ रही हूं.. कभी खिलखिलाती खुशियों के बीच, कभी रोते हुए गम के संग, कभी सड़कों पर जमा भीड़ में, कभी वीरान से दिखते रास्ते में, खुद को ढूंढ रही हूं.. जोड़ रही हूं वक्त के एक सिरे से दूसरे सिरे को  हर लमहे में, अब खुद को ढूंढ रही हूं..!!                            -अनुष्का