बचपन और आज..!!!!
मन की करने वाला बचपन, और मन को मारने वाला आज.. कुछ ना मिलने पर रोने वाला बचपन, और सब कुछ मिलने पर भी दुखी वाला आज.. अच्छे नंबर आने पर घर वालों से गिफ्ट मांगने वाला बचपन, और 1-2 फैसले गलत होने पर उन्हीं से भागने वाला आज.. छोटी-छोटी बातों पर सवाल पूछने वाला बचपन, और कठिन कठिन हालातों में भी चुप रहने वाल आज.. हर एक त्यौहार में लीन होने वाला बचपन, और त्यौहारो को छुट्टी की तरह बिताने वाला आज.. सबके बीच खुश रहने वाला बचपन, और अकेलेपन में बितने वाला आज.. बड़े बड़े सपनों को सोचने वाला बचपन, और सच्चाई का सामना करने वाला आज.. दिनभर खेल रात को बेसुध सोने वाला बचपन, और दिनभर की भागदौड़,रात को ख्यालों से लड़ने वाला आज स्पष्टता से भरा हुआ बचपन, और दुविधा में डूबा हुआ आज.. खुल कर जीने वाला बचपन, ...